हरिद्वार,: Harshita .उत्तराखंड की हरिद्वार जिला जेल रोशनाबाद में बंद अभिनेत्री उर्मिला सनावर को बड़ी राहत मिली है। 2 नवंबर को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। हालांकि जमानत मिलने के बावजूद उर्मिला सनावर आज जेल से बाहर नहीं आ पाएंगी। उनकी रिहाई अब 3 नवंबर यानी मंगलवार को होने की संभावना है।
अदालत ने 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के दो सक्षम जमानती पेश करने की शर्त पर रिहाई के आदेश दिए हैं।
उर्मिला सनावर की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने बताया कि अदालत ने जमानत मंजूर कर ली है और आदेश भी जारी हो गया है। मंगलवार को सक्षम जमानती पेश किए जाएंगे, जिसके बाद जेल से रिहाई की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का लगा था आरोप
इस मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने उर्मिला सनावर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दीपिका ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था।
दीपिका राठौर की ओर से 25 अक्टूबर को हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर उनके और परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक एवं मानहानिकारक टिप्पणियां कीं।
इसके अलावा व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम कराने और पांच करोड़ रुपये की मांग करने का आरोप भी लगाया गया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि मांग पूरी नहीं होने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
25 अक्टूबर को सहारनपुर से हुई थी गिरफ्तारी
मुकदमा दर्ज होने के बाद हरिद्वार पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। 25 अक्टूबर को रानीपुर कोतवाली पुलिस ने सहारनपुर स्थित आवास पर दबिश देकर उर्मिला सनावर को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हरिद्वार जिला जेल रोशनाबाद भेज दिया गया था।
अभियोजन पक्ष ने जमानत का किया विरोध
2 नवंबर को जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उर्मिला सनावर की ओर से अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने अदालत में अपना पक्ष रखा। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह आर्य ने जमानत का विरोध किया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि उर्मिला सनावर के खिलाफ इसी संदर्भ में पहले भी दस मुकदमे दर्ज हैं। जमानत मिलने पर उनके द्वारा इसका दुरुपयोग किए जाने की आशंका जताई गई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि अधिकांश आरोपों की धाराएं जमानती प्रकृति की हैं। वहीं धारा 308(5) के तहत अपराध प्रथम दृष्टया बनता प्रतीत नहीं होता।
अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी महिला हैं और उन पर लगाए गए अपराध मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय नहीं हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
अब 3 नवंबर को जमानती पेश होने के बाद उर्मिला सनावर की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो सकता है।
