नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए अहम स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने साफ किया है कि यदि किसी व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो उसे दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। यह नियम उन लोगों पर भी लागू होगा, जिनका नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज था।
चुनाव आयोग ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र जारी किया है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए।
पुराने मतदाता फॉर्म-6 भरने से क्यों कर रहे थे परहेज?
दरअसल, SIR के दौरान कई ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है। ऐसे मतदाता फॉर्म-6 भरने से इसलिए हिचकिचा रहे थे, क्योंकि इस फॉर्म में घोषणा करनी होती है कि उनका नाम पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है।
