देहरादून,संजीव मेहता।उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 59 सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसके साथ ही पार्टी में असंतोष के स्वर भी फूटने लगे हैं। कहीं, सिटिंग विधायक टिकट कटने से नाखुश हैं तो कहीं कार्यकर्त्ताओं ने पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। कई विधानसभा सीट पर भाजपा कार्यकर्त्ताओं के पार्टी से इस्तीफा देने की भी सूचना है। हालांकि, इस सब के बीच पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने स्थिति नियंत्रण में बताते हुए सभी को साधे जाने का दावा किया है। कार्यकर्त्ताओं और सिटिंग विधायकों के असंतोष का भाजपा की जीत-हार पर क्या असर पड़ेगा, यह तो आने वाला समय बताएगा। लेकिन, हर बार की तरह इस बार भी टिकट तय होने पर कहीं खुशी कहीं गम का माहौल तो लाजिमी है।
घनसाली, थराली, रुड़की, भगवानपुर,कर्णप्रयाग,गंगोत्री, यमुनोत्री,बागेश्वर व कपकोट आदि सीटों पर भाजपा को बगावत का सामना करना पड़ रहा है ।रुड़की विधानसभा सीट पर सिटिंग विधायक का टिकट फाइनल होने पर दावेदारी पेश कर रहे पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नितिन शर्मा ने नाराजगी जताते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। वहीं, भगवानपुर में भी भाजपा मंडल अध्यक्ष ने प्रत्याशी के नाम पर असहमति जताते हुए पार्टी से इस्तीफा देने का एलान किया है।

इन सीटों पर उभरे असंतोष के सुर थामने के लिए पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है। इस कड़ी में नाराज बताए जा रहे कार्यकर्त्‍ताओं से फोन पर संपर्क साध उन्हें मनाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। पार्टी की कोशिश है कि असंतोष के इन सुरों को यहीं थाम लिया जाए। इस चुनौती से पार पाने के लिए पार्टी के प्रांतीय पदाधिकारियों को मोर्चे पर लगाया गया है। शनिवार से सभी सांसदों को भी इस कार्य में लगाया जाएगा।

उधर गुरुवार को प्रदेश की 59 सीटों पर प्रत्याशियों की सूची जारी कर लोगों की उत्सुकता पर विराम लगा दिया। उम्मीदवार घोषित होने से कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। टिकट की दौड़ में नाकाम रहे कुछ दावेदार भी पार्टी के साथ खड़े हो गए हैं तो कुछ ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बहरहाल गुरुवार को दोपहर बाद प्रत्याशी घोषित होने के बाद उम्मीदवारों के समर्थक जश्न मना रहे हैं। कहीं ढोल-नगाड़े बज रहे हैं तो कहीं मिठाइयां बांटी जा रही हैं।

By DTI

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