हरिद्वार,हर्षिता: धर्मनगरी हरिद्वार में सिर्फ 36 वर्ग फीट की फूलों की दुकान का सालाना किराया सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। नगर निगम ने गंगा घाटों और पुलों के आसपास फूल फरोशी के ठेकों के लिए ऐसी न्यूनतम बोली तय की है, जिसने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
सबसे चौंकाने वाला मामला घंटाघर से पंतद्वीप जाने वाले पुल की सीढ़ियों के पास स्थित 36 वर्ग फीट की दुकान का है, जिसकी न्यूनतम बोली 1.70 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष रखी गई है।
6 छोटी दुकानों से नगर निगम को करोड़ों की कमाई
नगर निगम ने कुल छह दुकानों के लिए करीब 4 करोड़ रुपये की न्यूनतम बोली तय की है। इन दुकानों का ठेका सिर्फ एक साल के लिए दिया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और धार्मिक आयोजनों के चलते फूल बेचने का कारोबार बेहद फायदे का सौदा है।
कहां कितनी बोली?
👉 घंटाघर-पंतद्वीप पुल सीढ़ी — ₹1.70 करोड़
👉 मालवीय द्वीप पुल स्थल — ₹1.32 करोड़
👉 नाईसोता घाट नाले के पास — ₹57.76 लाख
👉 महिला घाट सीढ़ी — ₹18.26 लाख
👉 CCR घाट पार्क — ₹18.97 लाख
👉 विष्णु घाट-ललतारौ पुल — ₹4.96 लाख
क्यों इतना महंगा है ये ठेका?
हरिद्वार में सालभर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।
गंगा स्नान
कांवड़ यात्रा
त्योहार
विशेष पर्व
और अगले साल होने वाला अर्धकुंभ
इन आयोजनों में फूल-प्रसाद की मांग कई गुना बढ़ जाती है, इसलिए ये छोटे स्पॉट भी करोड़ों की कमाई का जरिया बन जाते हैं।
इस बार नियम भी सख्त
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि—
⚠️ सिर्फ फूल बेचने की अनुमति होगी
⚠️ दूसरी चीज बेचने पर ठेका रद्द
⚠️ तय जगह से बाहर बिक्री नहीं
⚠️ सफाई नहीं रखने पर जुर्माना
⚠️ जरूरत पड़ने पर प्रशासन दुकान हटवा सकता है
पहले भी हो चुका है विवाद
फूल फरोशी के ठेकों को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आए हैं।
साल 2021 में भी ये ठेके करीब ₹1.97 करोड़ में दिए गए थे, जिसके बाद छोटे दुकानदारों ने विरोध जताया था।
