देहरादून। हर्षिता । उत्तराखंड में मॉनसून की आधिकारिक एंट्री से पहले ही मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार शाम राजधानी देहरादून में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कुछ ही घंटों की बारिश में सड़कें जलमग्न हो गईं और शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।
बारिश के साथ चली तेज आंधी ने भी जमकर तबाही मचाई। कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए, जिनकी चपेट में आने से कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, लगातार बारिश के चलते रिस्पना नदी उफान पर आ गई, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों से नदी और नालों के आसपास न जाने की अपील की है।
मौसम विभाग ने पहले ही देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया था, जो पूरी तरह सटीक साबित हुआ। मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार प्रदेश में 6 जून तक मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है। इसी को देखते हुए अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। खासकर चारधाम यात्रा मार्गों और पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
उधर, पहाड़ों की रानी मसूरी में भी मौसम ने अचानक करवट बदली। तेज बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि बार-बार हो रही ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि सब्जियों और मौसमी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है और यदि मौसम का यही रुख जारी रहा तो भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फिलहाल मौसम विभाग और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि लोगों से सावधानी बरतने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट का पालन करने की अपील की जा रही है।
