नई दिल्ली:दिव्या टाइम्स इंडिया। मौत के बाद की दुनिया कैसी होती है? क्या इंसान के अच्छे और बुरे कर्मों का वास्तव में हिसाब होता है? इन सवालों पर सदियों से बहस होती रही है। वैज्ञानिक रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई लोग मृत्यु के करीब पहुंचने के बाद अपने अनुभव साझा करते रहे हैं।
ऐसा ही एक दावा 60 वर्षीय स्कॉट ड्रमोंड ने किया है। स्कॉट के मुताबिक, जब वह 28 साल के थे, एक दुर्घटना के बाद ऑपरेशन के दौरान उन्हें करीब 20 मिनट के लिए मृत घोषित कर दिया गया था। बाद में वह दोबारा जीवित हो गए।
स्कॉट का कहना है कि इस दौरान उन्होंने खुद को ऑपरेशन थिएटर के ऊपर से सब कुछ देखते हुए महसूस किया। उन्होंने दावा किया कि नर्स घबराकर कह रही थी, “मैंने उसे मार डाला।”
उनके अनुसार, इसके बाद वह खुद को एक बेहद शांत और खूबसूरत स्थान पर पहुंचे, जहां हरे-भरे मैदान, विशाल पेड़ और रंग-बिरंगे फूल थे। स्कॉट का दावा है कि वहां उन्हें एक अदृश्य दिव्य उपस्थिति का एहसास हुआ।
सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी एक फिल्म की तरह देखी, जिसमें उनके अच्छे और बुरे सभी कर्म सामने आ गए और उनका मानो आकलन किया जा रहा था।
स्कॉट के मुताबिक, तभी बादलों से बने एक विशाल हाथ ने उनसे कहा कि “अभी तुम्हारा समय नहीं आया है, तुम्हें धरती पर अभी और काम करने हैं।” इसके तुरंत बाद उनकी चेतना वापस शरीर में लौट आई।
होश में आने पर उन्हें पता चला कि उन्हें मृत घोषित किए हुए लगभग 20 मिनट बीत चुके थे।
हालांकि, यह स्कॉट ड्रमोंड का व्यक्तिगत दावा और अनुभव है। मृत्यु के बाद के जीवन या कर्मों के हिसाब को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
