गैरसैंण: हर्षिता।उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 2 दिन भी नहीं चल पाई. हालांकि, सरकार ने 5,315 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट और 9 विधेयक भी पास किए. जिनमें सबसे महत्वपूर्ण विधेयक अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक रहा. वहीं, सीएम धामी की अध्यक्षता में भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मंत्रिमंडल की बैठक हुई. जिसके बाद सीएम धामी ने कैबिनेट बैठक की ब्रीफिंग दी. साथ ही विपक्ष पर आड़े हाथों लिया.
कांग्रेस विधायकों के रवैया पर बीजेपी विधायकों और मंत्रियों ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है. बीजेपी विधायकों का कहना है कि विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही नहीं चल पाई. इससे जनहित के मुद्दे सदमे नहीं उठे. हालांकि, बीजेपी के सभी विधायक और मंत्रियों ने सरकार की ओर से अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक पास होने पर खुशी जाहिर की है।
विपक्ष के आचरण पर स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने जताई नाराजगी: सरकार के मंत्रियों का कहना है कि अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक से अल्पसंख्यक बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी. 2 दिनों तक सदन की कार्यवाही कुल 2 घंटे 40 मिनट ही चल पाई. ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने भी भी विपक्ष के इस आचरण पर नाराजगी जाहिर की है.
“विपक्ष को सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग देना चाहिए था, लेकिन विपक्ष कल से ही लगातार हंगामा कर रहा है. इसे सदन की कार्यवाही नहीं चल पाई.”
सीएम धामी बोले- भराड़ीसैंण में सत्र चलाने के मूड में नहीं था विपक्ष: भराड़ीसैंण में कैबिनेट बैठक लेने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने ब्रीफिंग दी. इस दौरान उन्होंने कहा कि बड़ी कठिनाइयों और मानसून की परेशानियों के बावजूद सभी लोग भराड़ीसैंण पहुंचे, लेकिन विपक्ष भराड़ीसैंण में सत्र चलाने के मूड में नहीं था. कल यानी 19 अगस्त को 1 घंटा 45 मिनट में 8 बार सदन को स्थगित करना पड़ा.
सस्ती लोकप्रियता के लिए विपक्ष ने किया हंगामा: सीएम धामी ने कहा कि उन्होंने सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से मुलाकात की थी और सत्र को सुचारू चलाने की अपील की थी. इस सत्र में सरकार ने कई तैयारी की थी. धराली और पौड़ी में भीषण आपदाएं आई थी. सरकार और सत्ता पक्ष के विधायक आपदा के विषय पर नियम 310 के तहत चर्चा करने के पक्ष में थे, लेकिन विपक्ष ने सस्ती लोकप्रियता के लिए हंगामा किया.
सदन के अंदर हुई अराजकता: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि सदन के अंदर पूरी अराजकता हुई. माइक, टेबल और टेबलेट तोड़ा गया. और खुद मुख्यमंत्री को दूसरी डेस्क पर जाकर स्वर्गीय मुन्नी देवी का शोक संदेश पढ़ना पड़ा. सरकार को सदन में रिपोर्ट कार्ड पेश करना था, लेकिन विपक्ष के हंगामे से सदन ठीक से नहीं चल पाया.