हरिद्वार | 10 जनवरी 2026, हर्षिता।हरिद्वार शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। गंगा एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शहर और इसके सैटेलाइट क्षेत्रों में 206 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन बिछाने की महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर तेज़ी से कार्य जारी है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में यह कार्य पूरी तत्परता एवं गुणवत्ता मानकों के साथ किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट मैनेजर, पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना केएफडब्ल्यू जर्मन विकास बैंक द्वारा वित्तपोषित है, जो “गंगा बेसिन राज्यों में पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास (गंगा पुनर्जीवन)” कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही है।
150 किमी कार्य प्रगति पर, शेष निविदा प्रक्रिया में
परियोजना के अंतर्गत कुल 206 किमी सीवर लाइन प्रस्तावित है, जिसमें से लगभग 150 किमी कार्य वर्तमान में प्रगति पर है, जबकि शेष 56 किमी कार्य निविदा प्रक्रिया में है।
पैकेज-1: हरिपुरकंला, भूपतवाला, भीमगौड़ा, हर की पैड़ी से रेलवे स्टेशन, ब्रह्मपुरी, पुराना औद्योगिक क्षेत्र — 70 किमी
पैकेज-2: कनखल, द्वारिका विहार, राजा गार्डन, गणपति धाम, जगजीतपुर — 80 किमी
75 किमी सीवर लाइन बिछ चुकी, सड़क पुनर्निर्माण भी जारी
अब तक कुल 75 किमी सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है, जिसमें पैकेज-1 के अंतर्गत 40 किमी और पैकेज-2 में 35 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है।
साथ ही, 31 किमी सड़क पुनर्निर्माण का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।
दोनों पैकेजों का कार्य जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
रात में हो रहा कार्य, दिन में यातायात सुचारु
हर की पैड़ी से रेलवे स्टेशन तक के व्यस्त क्षेत्रों में श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और वाहनों की अधिक आवाजाही को देखते हुए सीवर लाइन बिछाने का कार्य रात्रि में किया जा रहा है, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
3.5 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग 15,000 घरेलू सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे करीब 3.5 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
यह परियोजना अपशिष्ट जल प्रबंधन को सुदृढ़ करेगी, भूजल प्रदूषण को कम करेगी और गंगा नदी के पुनर्जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
गंगा संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता
मीनाक्षी मित्तल ने बताया कि यह परियोजना सतत शहरी विकास, जनस्वास्थ्य में सुधार और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कार्य के दौरान आमजन को न्यूनतम असुविधा हो।

By DTI