देहरादून/हरिद्वार: हर्षिता ।राजधानी में रविवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजनौर से आए श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक हादसे का शिकार हो गई, जिसमें एक महिला की मौत और कई लोग घायल हो गए। करीब आधा दर्जन वाहन आपस में भिड़ गए और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।
कैसे हुआ हादसा?
– श्रद्धालु श्री झंडे जी मेले में दर्शन कर बिजनौर लौट रहे थे।
– ट्रॉली में रिफ्लेक्टर और लाइटिंग नहीं थी, रात में पीछे से आ रही गाड़ियों को ट्रॉली दिखाई नहीं दी।
– एक गाड़ी ने अचानक ब्रेक लगाए, इससे चेन रिएक्शन शुरू हुआ और कई वाहन टकरा गए।
ट्रैक्टर चालक की सफाई
ट्रैक्टर चालक लव कुश ने पुलिस को बताया कि पीछे से लगती टक्कर के बाद ट्रैक्टर घूम गया और हादसा बढ़ता गया।
NHAI + प्रशासन की जाँच टीम सक्रिय
एसपी देहात जया बलूनी ने कहा कि NHAI और एसडीएम मिलकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि गलती किसकी थी।
कसूर किसका? (प्रारंभिक संकेत)
जाँच जारी है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर 4 बड़ी लापरवाहियाँ साफ दिख रही हैं:
1️⃣ ट्रैक्टर-ट्रॉली में 30 लोग बैठाना – सबसे बड़ी गलती
– ट्रैक्टर-ट्रॉली कृषि कार्य के लिए होती है,
– यात्रियों को बैठाना कानूनन प्रतिबंधित है।
➡ यह चालक और वाहन मालिक की लापरवाही मानी जाएगी।
2️⃣ रिफ्लेक्टर/लाइटिंग का न होना
– रात में बिना लाइट/रिफ्लेक्टर ट्रॉली चलाना बेहद खतरनाक।
➡ यह सीधा-सीधा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।
3️⃣ रास्ते में किसी पुलिस/परिवहन की जाँच न होना
– दो राज्यों की सीमाएँ पार की गईं,
– किसी चेकपोस्ट ने नहीं रोका।
➡ यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की लापरवाही भी सामने आ रही है।
4️⃣ पीछे से आने वाले वाहनों की तेज रफ्तार
– कई गाड़ियों का लगातार टकरा जाना बताता है कि
➡ पीछे आ रही गाड़ियों की स्पीड भी नियंत्रित नहीं थी।
संक्षेप में — गलती किसकी?
➤ ट्रैक्टर चालक + वाहन मालिक (अवैध रूप से सवारियाँ भरना, लाइटिंग न होना)
➤ यातायात/परिवहन विभाग (रास्ते में नहीं रोका)
➤ तेज रफ्तार वाहन (टक्कर बढ़ाने में भूमिका)
👉 अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
