हरिद्वार हर्षिता।वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच घरेलू गैस वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए जाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नए निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जारी इस आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि गैस गोदामों में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन अत्यधिक फोन कॉल्स के कारण ऑनलाइन बुकिंग, डीएससी और ओटीपी प्राप्त करने की प्रक्रिया बाधित हो रही है। इसका प्रत्यक्ष परिणाम यह हो रहा है कि उपभोक्ता अपने परिवारजन एवं वाहनों के साथ गैस एजेंसियों पर भीड़ लगा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निर्देशित किया है कि उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु ऑनलाइन बुकिंग को प्राथमिकता दी जाए। जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग फोन, एमएमएस या एप के माध्यम से नहीं हो पा रही है, केवल वे ही गैस एजेंसी पर बुकिंग के लिए उपस्थित हो सकेंगे। सभी गैस एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को डोर-टू-डोर घरेलू गैस की होम डिलीवरी करें।
इसी क्रम में पूर्व में जारी आदेश संख्या 2121/जि.पू.अ.-पे.प्रो./2026 दिनांक 11.03.2026 के तहत अवैध संग्रह, भंडारण, अवैध रिफिलिंग व कालाबाजारी पर निगरानी रखने के लिए तहसीलदार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक (संयोजक), वरिष्ठ बाट-माप निरीक्षक तथा संबंधित थाना प्रभारी द्वारा नामित प्रतिनिधि की संयुक्त टीम गठित की जा चुकी है। साथ ही आदेश संख्या 18539/13-आ.प्रब.-DEOC/2025-26 दिनांक 13.03.2026 के अंतर्गत जनपद की 41 गैस एजेंसियों में वितरण प्रणाली के अनुश्रवण हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
नोडल अधिकारी अपनी नामित गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि बुकिंग ऑनलाइन/ऐप/फोन के माध्यम से ही की जा रही है, तथा पूर्व में हुई बुकिंग की समयानुसार होम डिलीवरी भी हो रही है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि गैस वितरण “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर ही होगा। इसके अलावा न्यायपूर्ण वितरण, आपूर्ति संबंधी समस्या व बैकलॉग को दूर करने के लिए संबंधित ऑयल कंपनियों—IOCL, BPCL तथा HPC—के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी गैस एजेंसी में कालाबाजारी, अवैध संग्रहण या रिफिलिंग की आशंका की स्थिति में गठित संयुक्त टीम द्वारा जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित गैस एजेंसी मालिक और ऑयल कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 तथा भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुक्रम में जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, तथा समस्त संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसी संचालकों को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
