देहरादून/हर्षिता। उत्तराखंड में चल रहे सत्यापन अभियान ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस की सख्ती के बावजूद राज्य विदेशी घुसपैठियों का सॉफ्ट टारगेट बनता जा रहा है। ऑपरेशन कालनेमि और ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे सैकड़ों लोगों पर कार्रवाई करते हुए कई विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है।
📊 आंकड़ों में बड़ा खुलासा
10 जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक चले अभियान में सैकड़ों संदिग्धों पर कार्रवाई हुई। सिर्फ जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच 511 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया, जिनमें 19 बांग्लादेशी नागरिकों की पुष्टि हुई।
📍 देहरादून बना केंद्र
राजधानी देहरादून इस पूरे अभियान का मुख्य केंद्र रहा, जहां सबसे अधिक गिरफ्तारियां हुईं। हाल ही में रायपुर क्षेत्र से पुलिस ने तीन विदेशी महिलाओं (उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान) को फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया।
🧾 फर्जी दस्तावेजों का खेल
जांच में सामने आया कि कई विदेशी नागरिक नकली आधार, पैन कार्ड और स्थानीय पहचान पत्रों के सहारे वर्षों से रह रहे थे। पुलिस को एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की भी आशंका है, जो ये दस्तावेज तैयार करता है।
🚨 बांग्लादेशी घुसपैठिए सबसे ज्यादा
देहरादून, सहसपुर, पटेल नगर और अन्य क्षेत्रों से कई बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए। कई मामलों में पहचान छुपाकर रहने और ठगी तक के आरोप सामने आए।
🌍 अन्य जिलों में भी कार्रवाई
हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश में भी सत्यापन अभियान के दौरान कई संदिग्ध पकड़े गए। औद्योगिक और धार्मिक क्षेत्रों में पुलिस ने विशेष निगरानी बढ़ा दी है।
🚧 नेपाल भागने की कोशिश नाकाम
पिथौरागढ़ में एक विदेशी नागरिक को बिना पासपोर्ट-वीजा नेपाल भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया।
🗣️ SSP का बयान
“सत्यापन अभियान लगातार जारी रहेगा। अवैध रूप से रह रहे किसी भी विदेशी नागरिक को बख्शा नहीं जाएगा। सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ जरूरत पड़ने पर डिपोर्टेशन भी किया जाएगा।”
