उत्तरकाशी: हर्षिता । उत्तराखंड चारधाम में गैर सनातनियों के प्रवेश बैन का मुद्दा इन दिनों सुर्खियों में है. इसी बीच यमुनोत्री मंदिर समिति का बड़ा बयान सामने आया है. यमुनोत्री मंदिर समिति की तरफ से साफ किया है कि यमुनोत्री धाम में कौन आता है कौन नहीं, इसका निर्णय सरकार लेगी.
श्री यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि 24 मार्च मंगलवार को इस मुद्दे पर मंदिर समिति की बैठक हुई थी, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि यमुनोत्री धाम की यात्रा अनादिकाल से चली आ रही है. यहां जो भी आयेगा मंदिर समिति उसका स्वागत करेगी. वैसे धाम में सिर्फ सनातन धर्मावलंबी ही आते हैं. यदि गैर सनातनी यहां आते हैं, उन्हें रोकना सरकार की जिम्मेदारी है.


इसके अलावा उन्होंने कहा कि तीन धामों केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश को लेकर जो निर्णय लिया गया है, उसके बाद से ही उन्हें पत्रकारों के लगातार फोन आ रहे थे, जिसको लेकर श्री यमुनोत्री मंदिर समिति की बैठक हुई.
प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल के अनुसार इस मुद्दे पर समिति का यही वक्तव्य है कि यहां जो भी धाम में आते हैं, वह सनातन धर्मावलंबी ही होते हैं. उनका मंदिर समिति स्वागत करती है और आगे भी स्वागत करती रहेगी.
साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई पर्यटन के उद्देश्य से आता है तो फिर यह सरकार की जिम्मेदारी है कि कौन कहां और किस उद्देश्य से जा रहा है. यदि सरकार किसी को कहीं भेजती है तो फिर पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि चारधाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों का पंजीकरण भी सरकार ही करवा रही है. ऐसे में कोई गैर सनातनी धाम में प्रवेश न करें, यह देखना भी सरकार का ही काम होना चाहिए. बता दें कि सबसे पहले 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे. इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और आखिर में 23 अप्रैल को बदरीनाथ के कपाट खोले जाएंगे.
