दिल्ली:, दिव्या टाइम्स इंडिया भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए देशभर के पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को अनिवार्य कर दिया है। यह फैसला कच्चे तेल के आयात में कमी और प्रदूषण घटाने के लक्ष्य के तहत लिया गया है।
⛽ क्या है E20 ईंधन?
👉 E20 का मतलब है पेट्रोल में 20% एथेनॉल (इथेनॉल) और 80% पेट्रोल
👉 एथेनॉल एक बायोफ्यूल है, जो गन्ने और अन्य फसलों से बनता है
🌍 सरकार का मकसद
🇮🇳 विदेशी तेल पर निर्भरता कम करना
🌱 पर्यावरण प्रदूषण में कमी लाना
🚜 किसानों की आय बढ़ाना (एथेनॉल प्रोडक्शन से)
🚗 गाड़ियों पर क्या असर?
ऑटो इंडस्ट्री बॉडी SIAM के महानिदेशक पी.के. बनर्जी के मुताबिक:
👉 E20 इस्तेमाल से माइलेज में 2–4% तक हल्की गिरावट आ सकती है
👉 नई गाड़ियां (E20-compatible) के लिए यह ज्यादा सुरक्षित है
⚠️ उठे सवाल भी
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस पर चिंता जताते हुए पूछा:
👉 क्या E20 से पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान होगा?
👉 अगर नुकसान हुआ तो उसकी भरपाई कौन करेगा?
🔧 किन गाड़ियों के लिए सुरक्षित?
🚘 2023 के बाद बनी नई गाड़ियां ज्यादातर E20 compatible
🚗 पुरानी गाड़ियों में लंबे समय में असर पड़ सकता है, इसलिए कंपनी की गाइडलाइन जरूरी
📊 आगे क्या?
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में
👉 एथेनॉल ब्लेंडिंग को और बढ़ाया जाए
👉 भारत को ग्रीन फ्यूल की दिशा में आगे ले जाया जाए
👉 कुल मिलाकर, E20 ईंधन एक बड़ा बदलाव है—जहां एक तरफ पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को फायदा दिख रहा है, वहीं दूसरी तरफ वाहन मालिकों की चिंताएं भी बनी हुई हैं।

By DTI