नई दिल्ली।डीटी आई न्यूज़।कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहने को लेकर भाजपा सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा किया और सोनिया गांधी से माफी की मांग की। इसके बाद सदन के बाहर सोनिया गांधी और भाजपा सांसद स्मृति ईरानी के बीच बहस हो गई। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का कहना है कि बहस के दौरान वह वहीं पर मौजूद थीं।
मोइत्रा ने कहा कि सदन से बाहर आते ही भाजपा के सांसद उनपर लकड़बग्घों की तरह टूट पड़े और चिल्लान लगे। ऐसे में 75 साल की एक मास्क लगाए हुए महिला भला एक से कैसे भिड़ सकती है। मोइत्रा ने पूरी घटना बताते हुए कहा, एनसीपी की सुप्रिया सुले और मैं बाहर निकली। वहां कोई कांग्रेस का सांसद नहीं था। मैंने देखा कि सोनिया गांधी रमा देवी की तरफ जा रही हैं। वह पूरे समय मास्क पहने हुई थीं। वह रमा देवी से कुछ बात करने लगीं। स्मृति ईरानी रमा देवी के पीछे खड़ी थीं। वो उंगली उठाकर सोनिया गांधी से कुछ कहने लगीं।

उन्होंने कहा, इसके बाद सभी भाजपा सांसद आ गए और सोनिया गांधी को घेर लिया। तभी अधीर रंजन भी आ गए और उन्होंने कहा कि जो भी बात करनी है उनसे करें। मोइत्रा ने कहा, जिस तरह से भाजपा के सांसद चिल्ला रहे थे, पहले कभी ऐसा नहीं देखा। मैं उन्हें बाहर ले जाना चाहती थी लेकिन वह कह रही थीं कि मैं डरती नहीं हूं।
उधर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ”सदन में जब श्रीमती सोनिया गांधी जी ने हमारी वरिष्ठ महिला सांसद रमा देवी से आकर बात की, तब एक और सांसद ने बगल में आकर पूछा कि क्या बात हो रही है? तब सोनिया जी ने एकदम से कहा कि यू डोन्ट टॉक टू मी। सोनिया जी ने लगभग धमकाने वाले लहजे में दूसरे सांसद से बात की। पहली बात तो यह कि उनकी पार्टी ने राष्ट्रपति के बारे में की गई टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगी। दूसरी बात यह कि उन्होंने गुमराह किया और तीसरी बात यह कि उन्होंने बाकी सांसदों के लिए धमकाने वाले अंदाज में बात की। एक तो वे माफी नहीं मांग रहीं, बल्कि धमका रही हैं। सोनिया जी बाहर आएं और गरिमामय तरीके से माफी मांगें। कांग्रेस की सर्वोच्च नेता ने सदन में आक्रामकता दिखाई है।”
कांग्रेस ने की माफी की मांग
कांग्रेस ने दावा किया कि सोमवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत भारतीय जनता पार्टी के कई सांसदों एवं मंत्रियों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अमर्यादित और अपमानजनक व्यवहार किया तथा ऐसी स्थिति पैदा कर दी गई थी कि उन्हें (सोनिया को) चोट भी पहुंच सकती थी। मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि अपनी मंत्री और नेताओं के इस व्यवहार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए।
चौधरी का कहना है कि एक चैनल से बातचीत में उनके मुंह से एक बार चूकवश यह शब्द निकल गया था, लेकिन भाजपा तिल का ताड़ बना रही है।
कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा के भीतर इसी विषय को लेकर भाजपा के सदस्यों और मंत्रियों ने सोनिया गांधी साथ अपमानजनक व्यवहार किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘आज लोकसभा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमर्यादित और अपमानजनक व्यवहार किया! लेकिन क्या लोकसभा अध्यक्ष इसकी निंदा करेंगे? क्या नियम सिर्फ विपक्ष के लिए होते हैं?’
गोगोई ने कहा, ‘भाजपा के लोग सोचते हैं कि सोनिया जी डर जाएंगी तो यह उनकी भूल है। सोनिया जी एक निडर और शालीन नेता हैं। वह स्वयं भाजपा की महिला सांसदों के पास गईं और बहुत शालीन तरीके से बातचीत करना चाहती थीं। लेकिन उनकी शालीनता के उत्तर में भाजपा सांसदों द्वारा बहुत बुरा व्यवहार किया गया।’
उन्होंने दावा किया, ‘भाजपा सांसदों और मंत्रियों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर ऐसा माहौल बनाया जिसमें उन्हें चोट पहुंच सकती थी। महिला सांसदों ने तो आपत्तिजनक व्यवहार किया ही, पुरुष सांसदों ने भी आपत्तिजनक बातें और व्यवहार किया। हमारी नेता निडर रहीं, शालीन बनी रहीं।’
