देहरादून, हर्षिता।: उत्तराखंड में सहकारिता आधारित औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) ने रोडमैप तैयार किया है. यूसीएफ ने लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी रानीखेत स्थित को-ऑपरेटिव ड्रग फैक्ट्री (सीडीएफ) और हल्दूचौड़ स्थित उत्तराखंड स्टेट मेडिसिन एंड पैरामेडिकल्स लिमिटेड (यूएमपीएल) को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया है. दोनों इकाइयों में आधुनिक मशीनरी, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और बेहतर उत्पादन प्रणाली स्थापित कर आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण शुरू किया जाएगा.

क्या बोले विभागीय मंत्री? सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का सशक्त जरिया बनाने के लिए काम कर रही है. इसी कड़ी में सालों से बंद पड़ी सहकारी औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित कर उन्हें आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि सीडीएफ और यूएमपीएल के पुनरुद्धार के लिए यूसीएफ ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है. दोनों इकाइयों में नवीनीकरण, आधुनिक उपकरणों की स्थापना और गुणवत्ता आधारित उत्पादन प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे उत्तराखंड को आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी.

करीब 200 लोगों को मिलेगा रोजगार, 500 से 1000 किसान होंगे लाभांवित: इन दोनों इकाइयों के संचालन से स्थानीय स्तर पर 200 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. इसके साथ ही रानीखेत, हल्दूचौड़ और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती करने वाले 500 से 1000 किसान भी सीधे इन इकाइयों से जुड़ेंगे.

करीब 100 करोड़ रुपए सालाना कारोबार का लक्ष्य: कच्चे माल की आपूर्ति, परिवहन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन और वितरण जैसी गतिविधियों के जरिए हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार एवं आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. सहकारिता मंत्री ने कहा कि दोनों इकाइयों के पूर्ण क्षमता से संचालन के बाद करीब 100 करोड़ रुपए सालाना कारोबार का लक्ष्य तय किया गया है.

सालाना 10 से 15 करोड़ रुपए प्रॉफिट होने की संभावना: इससे हर साल 10 से 15 करोड़ रुपए तक लाभ होने की संभावना है. आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता मानकों के जरिए सीडीएफ और यूएमपीएल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी संस्थानों के रूप में विकसित किया जाएगा. उत्तराखंड औषधीय एवं सुगंधित वनस्पतियों की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल है.

By DTI