हरिद्वार हर्षिता।नगर निगम द्वारा नगर क्षेत्र एवं घाटों की सफाई व्यवस्था को लेकर नियुक्त की गई दो निजी फर्मों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। निगम ने दोनों फर्मों पर ₹50,000-₹50,000 का जुर्माना अधिरोपित किया है। यह कार्रवाई फर्मों द्वारा कर्मचारियों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर निगम को गुमराह करने और कार्य में लापरवाही बरतने के चलते की गई है।

निगम द्वारा पूर्व में निर्देशित किया गया था कि सफाई व्यवस्था हेतु नियुक्त समस्त मैनपावर की सूची निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत की जाए। बावजूद इसके, फर्मों द्वारा समय पर सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। जब निगम द्वारा “शुभारम्भ” फर्म की कर्मचारियों की सूची का निरीक्षण किया गया, तो अधिकांश कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि मैनपावर की आपूर्ति वास्तविक रूप में नहीं की जा रही है, और फर्जी उपस्थिति पंजिका में दर्शाकर निगम को धोखे में रखा जा रहा है।

नगर निगम प्रशासन ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए दोनों फर्मों पर जुर्माना अधिरोपित किया है और अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होती है, तो संबंधित फर्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

निगम द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि कार्यादेश के अनुसार शत-प्रतिशत कर्मचारियों की आपूर्ति का शपथ पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि लगाए गए जुर्माने की भरपाई किसी भी स्थिति में कर्मचारियों के वेतन से न की जाए। यदि ऐसा पाया गया, तो संबंधित फर्म के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

निगम प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

By DTI