हरिद्वार। हर्षिता ।दोपहर का सन्नाटा था… दरवाज़े पर दस्तक हुई… घर में भरोसे के साथ किसी को अंदर बुलाया गया। कुछ देर बाद सब सामान्य दिख रहा था, लेकिन अलमारी के भीतर जो हुआ, उसने पूरे परिवार के होश उड़ा दिए। चाबी बनाने आया शख्स आखिर कौन था — कारीगर या पहले से तैयार कोई शातिर खिलाड़ी? सच्चाई सामने आई तो मामला सीधे दूसरे राज्य तक जा पहुंचा।
🔎 क्या है पूरा मामला?
09 फरवरी 2026 को शिवालिक नगर निवासी संदीप धीमान ने कोतवाली रानीपुर में शिकायत दर्ज कराई कि दोपहर के समय उनकी बुजुर्ग माताजी ने अलमारी की चाबी बनवाने के लिए दो व्यक्तियों को घर बुलाया था। आरोप है कि दोनों ने गोदरेज अलमारी की चाबी बनाने का झांसा देकर अंदर रखे सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मु0अ0सं0 45/2026 धारा 305(ए) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया।
🚔 एमपी तक पहुंची हरिद्वार पुलिस
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित कोतवाली रानीपुर और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने 20 फरवरी 2026 को धार (मध्यप्रदेश) से आरोपी गोविंद छाबड़ा (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
उसके कब्जे से एक पीली धातु की अंगूठी बरामद की गई है।
🗣️ पूछताछ में खुलासा
गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह अपने साले के साथ मध्यप्रदेश से हरिद्वार आया था। दोनों ने मिलकर चाबी बनाने का बहाना कर अलमारी से जेवर चोरी किए और वापस एमपी लौट गए।
गोविंद के अनुसार बाकी आभूषण उसके साले के पास हैं।
पुलिस जब साले के घर दबिश देने पहुंची तो वह परिवार सहित मकान पर ताला लगाकर फरार हो गया। उसकी तलाश में दबिशें जारी हैं।
⚖️ बढ़ाई गई धाराएं
मुकदमे में धारा 317(2), 332(ग), 334(1), 3(5) बीएनएस की बढ़ोत्तरी कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
👤 गिरफ्तार आरोपी
गोविंद छाबड़ा
पुत्र – दलबीर छाबड़ा
निवासी – ग्राम बारिया, थाना गंधवानी, जिला धार (मध्यप्रदेश)
उम्र – 25 वर्ष

