हरिद्वार, हर्षिता।धार्मिक नगरी हरिद्वार में पुलिस द्वारा कई बार सेक्स रैकेट गिरोहों को बेनकाब किया है । लेकिन फिर भी कई तरह के गिरोह सक्रिय है । सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार रेलवे पुलिस द्वारा लडकों को शिकार बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

जानकारी अनुसार समलैंगिक डेटिंग एप पर दोस्ती करने के बाद बिहार के एक युवक को रेलवे स्टेशन से कनखल क्षेत्र में ले जाकर लूटपाट करने वाले तीन आरोपियों को जीआरपी हरिद्वार की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही एप के माध्यम से समलैंगिक युवाओं को शिकार बनाने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ भी हुआ है।

कई थानों में घूमने के बाद भी सुनवाई न होने पर पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद जीआरपी एसपी के निर्देश पर 9 अगस्त को थाना जीआरपी हरिद्वार में मुकदमा दर्ज किया गया था।

जीआरपी के पुलिस कप्तान अजय गणपति कुंभार ने शनिवार को थाना जीआरपी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया। फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में जीआरपी की टीम जुटी हुई है। जबकि एक अन्य आरोपी के रानीपुर कोतवाली के मुकदमे में फिलहाल जेल में बंद होने की बात सामने आई है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुणा भारती ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से सात हजार रुपए की नकदी कर मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल बाइक भी बरामद हुई है। फरार विनीत राणा और अर्जुन को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

” गिरंडर एप पर बनाई हुई थी फर्जी आईडी ……

5 मई को हरिद्वार रेलवे स्टेशन से रविकांत उसे अपने साथ शंकराचार्य चौक के पास ले गया। जहां उसके कुछ साथी पहले से मौजूद थे। युवक को बैरागी कैंप ले जाकर उसके साथ मारपीट करते हुए एटीएम कार्ड निकाला और पिन नंबर लेकर एटीएम, यूपीआई के माध्यम से करीब 30 हजार रुपए लूट लिए। गले की चेन अंगूठी व जेब से रुपए और आधार कार्ड भी लूट लिया गया था।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में विनीत राणा, अर्जुन और मोनू के नाम भी सामने आए। मोनू को रानीपुर पुलिस ने कुछ दिन पहले ही एक मामले में जेल भेजा है। फरार विनीत राणा और अर्जुन की तलाश की जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह डेटिंग एप के माध्यम से पहले भी कई और युवाओं को इसी तरह लूटपाट का शिकार बन चुके हैं। यह भी पता चला है कि वह इसी पैटर्न पर शहर के कई सफेदपोश लोगों को भी अपना शिकार बन चुके हैं। लेकिन सामाजिक बदनामी के दर से लोग शिकायत करने से कतराते हैं।

इसलिए आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हो पाए थे। गैंग का भंडाफोड़ करने वाली टीम में थानाध्यक्ष अनुज सिंह, एसओजी प्रभारी विनय मित्तल, कांस्टेबल दीपक चौधरी, विनीत कुमार, मनोज कुमार और प्रदीप कुमार शामिल रहे।

By DTI