हरिद्वार, हर्षिता । देश के 552 कॉलेजों के मूल्यांकन में पतंजलि का टॉप-20 में शामिल होना हमारे लिए गौरव की बात: आचार्य बालकृष्ण
उत्तराखण्ड में ए ग्रेड प्राप्त करने वाला पतंजलि एकमात्र आयुर्वेद शिक्षण संस्थान: आचार्य जी
पतंजलि योगपीठ योग और आयुर्वेद की पुनर्स्थापना के लिए विश्वविख्यात है, इसके साथ ही आयुष शिक्षा के क्षेत्र में भी पतंजलि बड़ा कार्य कर रहा है। हाल ही में नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (एनसीआईएसएम) ने पूरे देश के आयुर्वेद कॉलेजों की रेटिंग के आँकड़े जारी किए हैं जिनमें पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज), हरिद्वार को ए ग्रेड के साथ टॉप-20 कॉलेजों में स्थान मिला है।
इसी विषय पर पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने मीडिया से वार्ता करते हुए बताया कि पतंजलि विश्वविद्यालय ए+ ग्रेड प्राप्त शिक्षण संस्थान है। वहीं आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में देशभर के 552 आयुर्वेद कॉलेजों में पतंजलि आयुर्वेद महाविद्यालय का नाम टॉप 20 कॉलेज में होना आयुर्वेद के क्षेत्र में पतंजलि द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रदर्शित करता है।
उन्होंने कहा कि आज देश में जितने भी आयुर्वेद के शिक्षण संस्थान हैं उनमें पतंजलि का टॉप-20 में होना हमारे लिए गौरव की बात है। पतंजलि के प्रयासों से पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज टॉप-20 में है और यदि उत्तराखण्ड की बात करें तो प्रदेश के कुल 20 आयुर्वेद कॉलेज में पतंजलि एकमात्र ऐसा कॉलेज है जिसे ए ग्रेड प्राप्त है। एक अन्य संस्थान जिसे बी ग्रेड प्राप्त है को छोड़कर शेष 6 कॉलेजों को सी ग्रेड से ही संतोष करना पड़ा है। इनके अलावा अन्य 12 कॉलेज अलग-अलग कारणों से रेटिंग से बाहर हो गए हैं।
आचार्य जी ने कहा कि एनसीआईएसएम ने आयुष कॉलेजों का मूल्यांकन अलग-अलग मापदण्डों के आधार पर किया है जिसमें शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ पुस्तकालय, संकाय व चिकित्सकों की संख्या, रोगियों की संख्या, संस्थान में उपलब्ध संसाधन तथा अनुसंधान के लिए पर्याप्त सुविधाएँ, हर्बल गार्डन आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि आयुर्वेद को बढ़ाने और उसे प्रामाणिक चिकित्सा पद्धति का दर्जा दिलाने के लिए हम हर सम्भव प्रयास करेंगे। आयुर्वेद के उत्थान के लिए पतंजलि प्राणपण से संलग्न है, हम इन प्रयासों में गुणात्मक वृद्धि कर आयुर्वेद को तथ्यों व प्रमाणों के आधार पर और बेहतर तरीके से प्रस्तुत करेंगे।