नैनीताल।दिव्या टाइम्स इंडिया।: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उधम सिंह नगर के कोसी नदी में अवैध खनन से संचालित स्टोन क्रशरों के मामले पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने जिला खनन अधिकारी उधम सिंह नगर को निर्देश कि वे स्टोन क्रशरों का मौका मुआयना करें. यह पता करें कि स्टोन क्रशर के परिषर में कितना खनिज जमा है? कितने स्टोन क्रशर हैं? कितना तेल महीने में इनके संचालन करने के लिए लगता है उसकी रीडिंग? प्रति दिन कितने वाहन आते जाते हैं? स्टोन क्रशरों के मालिकों का जीएसटी रिकॉर्ड और उनका इनकम टैक्स रिकॉर्ड समेत जो भी स्टोन क्रशर संचालन में सामग्री उपयोग की जाती है? उसका समस्त रिकॉर्ड जांच करके अपनी रिपोर्ट 19 मई से पहले कोर्ट में प्रस्तूत करें. मामले की अगली सुनवाई 19 मई की तिथि नियत की है.

मामले के अनुसार, उधम सिंह नगर निवासी रमेश लाल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उधम सिंह नगर की कोसी नदी में कई वर्षों से अवैध खनन का कार्य किया जा रहा. जिस पर उच्च न्यायालय ने 2019 में अवैध खनन रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने के दिशा निर्देश जारी किए गए थे. बावजूद इसके अब तक टास्क फोर्स का गठन नहीं किया गया.

याचिकाकर्ता का कहना है कि कोर्ट ने पूर्व में जो आदेश दिए थे, उनकी अवहेलना करते हुए यहां पर फिर से अवैध खनन किया जा रहा है. इसलिए कोर्ट का आदेश पालन नहीं करने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. जो भी खनन कार्य किया जा रहा है, इसमें वन विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं. अवैध खनन पर रोक के लिए वन विभाग ने चौकियां तो खोल दी लेकिन उनमें न तो वन विभाग का कोई कर्मचारी/अधिकारी रहता है और न ही पुलिस. जबकि यह कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है.

By DTI