हरिद्वार। हर्षिता। मनसा देवी मंदिर में हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मृतकों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा के बाद, मंदिर ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री से वार्ता कर सहायता राशि बढ़ाने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा, “यह हादसा अत्यंत दुखद है। कांवड़ मेला शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ, लेकिन यह घटना सभी को झकझोर गई है। सुबह लगभग 8:30 बजे जब सूचना मिली कि मंदिर के नीचे सीढ़ी मार्ग पर चीख-पुकार हो रही है, तो मैं स्वयं मौके पर पहुंचा। पुलिस व प्रशासन की टीम भी तुरंत वहां पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया।”
श्रीमहंत ने संभावना जताई कि खड़ी सीढ़ियों पर पानी गिरने और फिसलन के कारण एक श्रद्धालु के गिरने से भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई होगी। उन्होंने मां गंगा और मां मनसा देवी से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो।
संत समाज ने भी जताया हादसे पर शोक
हादसे को लेकर संत समाज में भी शोक की लहर है। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी, जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, निरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति गिरि, स्वामी आदियोगी पुरी, स्वामी सहजानंद पुरी, महंत राघवेंद्र दास, महंत जसविंदर सिंह, स्वामी शिवानंद भारती, स्वामी ऋषिरामकृष्ण, स्वामी राजेंद्रानंद, स्वामी वेदपुत्र गिरि, महंत रघुवीर दास, और महंत मोहन सिंह सहित कई संतों ने हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया।
सभी संतों ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।
