धराली (उत्तरकाशी), 16 अगस्त 2025। हर्षिता।
5 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद धराली में मलबे में दबे 66 लोगों की तलाश आज 12वें दिन भी जारी है। खीर गंगा से आई कई चरणों की बाढ़ ने ढेरों बोल्डर और मलबा बहाकर धराली बाजार और सेब के बगीचों को तबाह कर दिया था। भारी-भरकम चट्टानों और दलदली जमीन के कारण रेस्क्यू टीमों के लिए यह सर्च ऑपरेशन दिन-प्रतिदिन और चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
धराली सर्च ऑपरेशन में उतरी खास ताकत
अब इस मलबे में दबे लोगों की खोज में एक नई उम्मीद दिखाई दी है। एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन में अपनी दो विशेष “सीक्रेट वेपन्स” उतारे हैं—जिनकी भूमिका परिजनों के लिए उम्मीद की किरण बन गई है। यह दोनों हैं खासतौर पर प्रशिक्षित स्निफर डॉग, जिनका नाम सुनते ही धराली में मौजूद लोग सुकून की सांस ले रहे हैं—‘फैंटम’ और ‘कोको’।
मलबे में उम्मीद की खुशबू तलाशते ‘फैंटम’ और ‘कोको’
जर्मन शेफर्ड नस्ल के ये दोनों डॉग बारिश और ठंड की परवाह किए बिना दिनभर मलबे को सूंघकर उसके नीचे दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। एसडीआरएफ के जवान हर उस जगह इन्हें ले जाते हैं, जहां आशंका होती है कि कोई मलबे में दबा हो सकता है। स्थानीय लोग कहते हैं कि इन दोनों डॉग्स का जमीन पर बैठ जाना या बार-बार किसी जगह रुक जाना उन्हें एक नई उम्मीद देता है।
हाईटेक तकनीक से मदद ले रही एनडीआरएफ
एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट आरएस धपोला ने बताया कि सर्च ऑपरेशन में ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह इलेक्ट्रॉनिक डिटेक्टर 40 मीटर तक दबे किसी भी ऑब्जेक्ट का पता लगा लेता है। जहां संकेत मिलते हैं, वहीं पर तुरंत खुदाई शुरू की जाती है। धपोला ने कहा कि “रडार से संकेत मिले हैं कि लगभग 8 से 10 फीट नीचे लोग दबे हो सकते हैं, लेकिन बोल्डर और मिक्स मलबा हटाना सबसे बड़ी चुनौती है।”
डीएम भी रोज ले रहे जायजा
उत्तरकाशी के डीएम प्रशांत आर्या भी रोजाना धराली आपदास्थल पर सर्च अभियान का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि पानी की धार को रोक रहे मलबे को तेजी से हटाया जा रहा है। जहां मशीनों का इस्तेमाल संभव नहीं है, वहां जवान मैनुअली काम कर रहे हैं।
6 स्निफर डॉग्स कर रहे मदद
इस सर्च ऑपरेशन में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। इनके साथ कुल 6 प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स भी तैनात किए गए हैं—जिनमें सेना के 2, एनडीआरएफ के 2 और एसडीआरएफ के 2 डॉग शामिल हैं। लेकिन इनमें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं ‘फैंटम’ और ‘कोको’, जो हर पल मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।