थराली (चमोली): हर्षिता।उत्तरकाशी की धराली त्रासदी से प्रदेश उबरा भी नहीं था कि चमोली के थराली क्षेत्र में बादल फटने से एक और भीषण आपदा ने जनजीवन तहस-नहस कर दिया। देर रात चेपडों गांव का पूरा बाजार मलबे में समा गया। दुकानों से लेकर मकान तक सबकुछ बह गया।

पिता को बचा न पाए बेटे की बेबसी

चेपडों गांव के व्यापारी देवी जोशी ने बताया कि जैसे ही ऊपर के टुंडरी गांव से 11 बजे कॉल आया कि बादल फटा है, वह तुरंत अपनी दुकान पहुंचे और सामान हटाने लगे। इसी बीच उनके पिता भी दुकान पर आ गए। रात करीब 12 बजे दोबारा बादल फटा और देखते ही देखते तेज धारा में उनके पिता बह गए। जोशी की आंखों के सामने यह मंजर घटा, पर वो कुछ नहीं कर पाए। अब वह प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि कम से कम उनके पिता का शव मिल जाए।

दुकानदारों की तबाही की दास्तान

लक्ष्मण प्रसाद जोशी ने बताया कि रात 12:30 बजे इतना भीषण सैलाब आया कि उन्हें पैसे उठाने तक का समय नहीं मिला। उनके ताऊजी मलबे में दब गए।

एक अन्य व्यापारी ने कहा कि उनकी दो दुकानें बह गईं, अब परिवार कैसे पलेगा यही चिंता है।

ग्रामीणों ने बताया कि आपदा के वक्त लगभग 60 लोग मौके पर मौजूद थे, जिनमें से कई गंभीर रूप से घायल हैं और एक बुजुर्ग का अब तक कोई सुराग नहीं है।

हालात बेकाबू, प्रशासन भी ठप

22 अगस्त की रात आई इस आपदा ने चेपडों ही नहीं बल्कि थराली के मुख्य बाजार को भी बुरी तरह तबाह कर दिया। सड़कों पर जगह-जगह मलबा आने से प्रशासनिक टीम का घटनास्थल तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया है।

⏩ थराली और आस-पास के लोग अब भी खौफ में हैं। दुकानों और घरों के खंडहर उनकी आंखों में तबाही की तस्वीर खींच रहे हैं।

By DTI