उत्तरकाशी, हर्षिता। धराली आपदा को 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सीमांत क्षेत्र के धराली, सुक्की, मुखबा, हर्षिल, जसपुर, पुराली, झाला और बगोरी गांव अब भी मुश्किलों से जूझ रहे हैं।
➡️ गंगोत्री हाईवे बंद: बड़े वाहनों की आवाजाही ठप होने से रसोई गैस व जरूरी सामान की भारी कमी।
➡️ बिजली–संचार ठप: छह गांव अंधेरे और संचारविहीन होकर भय के साये में रात काटने को मजबूर।
➡️ तेलगाड का उफान: रविवार रात हर्षिल के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
पूर्व प्रधान दिनेश रावत ने कहा कि प्रशासन का सीमित राशन गांवों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहा। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि नलूणा के पास लगातार भूस्खलन से बिजली और संचार बहाली का काम रुका हुआ है।
⚠️ आपदा की मार झेल रहे सीमांत गांवों के लोगों की जिंदगी फिलहाल रसद, गैस और अंधेरे की जद्दोजहद में फंसी हुई है।