ठंड का समय शुरू होता है तो ऐसे में गर्म चीजों की खानपान की बिक्री बढ़ जाती है. ऐसे में डॉक्टर भी अंडे खाने की सलाह देते हैं. यदि आप भी आपके बच्चों को सुबह के समय में एक देसी अंडा रोज खिलाते हैं तो शरीर में गर्मी बनी रहेगी और सर्दी खांसी बुखार उसके आसपास भी नहीं घूमेगा. लेकिन क्या आप जानते हैं की असली बताकर आपको नकली अंडे भी दिए जाते हैं. अभी हाल फिलहाल में कुछ मामले ऐसे सामने भी आए हैं कि जहां पर चाय पत्ती में रखकर नकली अंडों को देसी अंडे बनाकर बेची जा रहे हैं.
एक्सपर्ट ने दी जानकारी
टीम ने जब एक्सपर्ट राकेश चौकसे ने कहा कि ठंड के दिनों में सबसे अधिक अंडों की डिमांड बढ़ जाती है. डॉक्टर भी अंडों को खाने की सलाह देते हैं. इसमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. यदि आप भी आपके घर पर बच्चों को देसी अंडे खिलाने जा रहे हैं तो इन तीन तरीकों से आप पहचान सकते हैं देसी हैं या आपको किसी ने नकली अंडा दे दिया है. अक्सर बाजार में नकली अंडे देसी बना कर बेचे जाते हैं. यह अधिक दाम में बिकते हैं और सादे अंडे के दाम कम होते हैं. इसलिए उन्हीं अंडों को देसी बनाकर बेचा जाता है. जिसमें कई लोग सिंदूर चाय पत्ती और कलर का इस्तेमाल करते हैं. आप इनको तीन आसान तरीके से पहचान सकते हैं.

यह है देसी अंडे को पहचानने के तीन तरीके
देसी अंडों को आप तीन तरीके से पहचान सकते हैं. सबसे पहले अंडे की पहचान होती है जो अंदर का पीला होता है वह बहुत ही डार्क होता है. दूसरा तरीका अंडा बिल्कुल हल्का होता है तीसरा तरीका आप उसको गर्म पानी में भी डालकर चेक कर सकते हैं. यदि कलर निकलता है तो समझ जाइए अंडा नकली है. इन 3 तरीकों से आप आसानी से देसी अंडे की पहचान कर सकते हैं. इसकी साइज बहुत छोटी होती है 25 से 30 ग्राम का एक अंडा आता है.
