हरिद्वार,हर्षिता।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जनसुनवाई—87 शिकायतें दर्ज, 42 का मौके पर समाधान
जनपदवासियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान विभिन्न विभागों से कुल 87 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 42 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया।
किन विभागों की शिकायतें आईं?
राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, राशन, अतिक्रमण, पेयजल, सड़क–नाली, अवैध निर्माण एवं सामाजिक सुविधाओं से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से दर्ज की गईं।
प्रमुख शिकायतें और मुद्दे
- केशवधाम अन्नेकी हेतमपुर के ग्रामीण—पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत
- कनखल निवासी ललित राजपूत—बस स्टैंड निकासी गेट पर अवैध स्टॉल हटाने की मांग
- मोहल्ला तेलियान, ज्वालापुर—नालियों पर कब्जे से गंदा पानी सड़क में भरने की समस्या
- जुल्फिकर अहमद (पिरान कलियर)—भूमि की पैमाइश पुलिस बल की मौजूदगी में कराने का अनुरोध
- डॉ. हिमांशु द्विवेदी—बीपीएल/अंत्योदय चावल महंगे बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग
- खेड़ाजर गांव—मंदिर के सार्वजनिक मार्ग पर कूड़ा और गोबर डालकर कब्जा करने की शिकायत
- ढाढेकी निवासी जयपाल सिंह—गांव में हो रहे अवैध खनन की शिकायत
- राजपुर निवासी मायादेवी—कृषि भूमि की पैमाइश की मांग
- जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, नाली–सड़क—अन्य जन समस्याएं
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश—“शिकायतें दोबारा जनसुनवाई में नहीं आनी चाहिए”
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए:
✔ शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें
✔ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
✔ स्थलीय निरीक्षण आवश्यक मामलों में संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करें
✔ यदि कोई शिकायत दोबारा जनसुनवाई में आती है,
और पहली बार में ही निस्तारित हो सकती थी, तो
संबंधित अधिकारी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि: - एक माह से अधिक लंबित शिकायतें तुरंत निस्तारित की जाएं
- अधिकारी शिकायतकर्ता से पोर्टल के माध्यम से भी संवाद करें
- समीक्षा में पाया गया कि:
— L1 पर 541 शिकायतें लंबित
— L2 पर 57 शिकायतें लंबित
जिस पर तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा,
अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान,
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह,
जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,
अधीक्षण अभियंता लोनिवि डी.के. सिंह,
मुख्य वित्त अधिकारी अजय कुमार,
जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह,
मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी,
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी,
एआरटीओ नेहा झा,
डीएसओ श्याम आर्य,
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत,
नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी
सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
