यूपीसीएल की शीर्ष बकायेदारों की सूची ने खड़े किए पारदर्शिता पर सवाल
Haridwar,Harshita बागेश्वर जिले में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा जारी शीर्ष बिजली बकायेदारों की सूची में राज्य सरकार की एक कैबिनेट मंत्री से जुड़ा नाम सामने आया। सूची सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का दौर शुरू हो गया है।
होटल के व्यावसायिक कनेक्शन पर करीब तीन लाख बकाया
निगम की ओर से जारी विवरण के अनुसार कौसानी स्थित ‘रुद्राक्ष पैलेस’ नामक होटल के व्यावसायिक विद्युत कनेक्शन पर 2,98,704 रुपये का बकाया दर्ज है। बताया जा रहा है कि यह कनेक्शन मंत्री रेखा आर्या के नाम पर पंजीकृत है। स्थानीय समाचार पत्र में सूची प्रकाशित होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। सूची में मंत्री के साथ उनके पति का नाम भी दर्ज होने की चर्चा है।
पूर्व विधायक का नाम भी सूची में शामिल
यूपीसीएल की सूची में चौथे स्थान पर पूर्व मंत्री एवं दिवंगत विधायक चंदन रामदास के नाम पर 2,85,990 रुपये का बकाया दर्शाया गया है। इससे बिजली बिल वसूली व्यवस्था और देनदारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विपक्ष ने उठाए जवाबदेही के मुद्दे
मामला सामने आते ही विपक्षी दलों ने इसे सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी वित्तीय देनदारियों का समय पर निर्वहन कर उदाहरण प्रस्तुत करें।
वसूली लक्ष्य से पीछे ऊर्जा निगम
ऊर्जा निगम को चालू वित्तीय वर्ष में 7 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य मिला है। हालांकि अब तक लगभग 2.45 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है। लक्ष्य और उपलब्धि के बीच करीब 4.5 करोड़ रुपये का अंतर बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार 25 हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वाले 63 उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काटे जा चुके हैं और आगे भी कार्रवाई जारी है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे मामले में अभी तक यूपीसीएल की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। समाचार लिखे जाने तक मंत्री रेखा आर्या की तरफ से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब देखना होगा कि संबंधित पक्ष इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और बकाया भुगतान को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
