देहरादून हर्षिता: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने उत्तेजक मादक पदार्थ ‘कैप्टागन’ की बरामदगी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की जांच का दायरा बढ़ाते हुए उत्तराखंड से एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने रविवार 17 मई को यह जानकारी दी.

फेडरल एंटी नारकोटिक्स एजेंसी ने ‘रेजपिल’ नामक एक अभियान के तहत लगभग 227 किलोग्राम कैप्टागन (गोलियों और पाउडर के रूप में) जब्त करने के बाद अलब्रास अहमद नामक एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया था.

‘कैप्टागन’ फेनेथिलिन नामक एक कृत्रिम उत्तेजक दवा का प्रचलित नाम है, जिसे 1960 के दशक में विकसित किया गया था. पश्चिम एशिया के संघर्षग्रस्त क्षेत्रों और चरमपंथी नेटवर्क द्वारा इसका दुरुपयोग एवं तस्करी किए जाने के लगातार सामने आए मामलों और खुफिया सूचनाओं के कारण इसे अक्सर ‘जिहादी ड्रग’ के नाम से भी जाना जाता है.

अधिकारियों ने बताया कि, एनसीबी के जांचकर्ताओं ने अहमद से पूछताछ की, जिसने कथित तौर पर उन्हें बताया कि, नई दिल्ली से बरामद मादक पदार्थ की बड़ी खेप नेब सराय स्थित एक परिसर से जब्त की गई और 227 किलोग्राम में से लगभग 31.5 किलोग्राम नवंबर 2025 में देहरादून स्थित ग्रीन हर्बल नामक फैक्ट्री में बनाया गया था. अहमद ने एनसीबी को यह भी बताया कि उत्तराखंड में मादक पदार्थ उत्पादन के इस ऑपरेशन में एक अन्य सीरियाई नागरिक उसका सहयोगी था.

एनसीबी के अधिकारियों ने 16 मई शनिवार की रात कारखाने पर छापा मारा. अधिकारियों ने बताया कि परिसर में अत्याधुनिक मशीनें लगी हुई थीं और रसायन, कैप्सूल और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई.

अधिकारियों ने बताया कि, फैक्ट्री मालिक ‘कैप्टागन’ टैबलेट बनाने के लिए सुविधा का उपयोग करने की अनुमति देने के लिए प्रतिदिन 50 हजार रुपये वसूलता था. उन्हें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया.

अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री स्वामी एनसीबी और उत्तराखंड पुलिस द्वारा जांच किए जा रहे मादक पदार्थों से संबंधित दो अन्य मामलों में भी शामिल होना पाया गया

By DTI