देहरादून: हर्षिता। उत्तराखंड में नकली दवाओं के खिलाफ एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी है। 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए टीम ने कोटद्वार स्थित एक संदिग्ध दवा फैक्ट्री को सील कर दिया। जांच एजेंसियों का दावा है कि यहां बंद पड़ी यूनिट के भीतर चोरी-छिपे दवाओं का निर्माण किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को कोटद्वार के सिडकुल सिगड्डी क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में अवैध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद ड्रग विभाग और प्रशासन के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए टीम ने परिसर में छापेमारी की। जांच के दौरान दवा निर्माण से जुड़े उपकरण, मशीनें और संदिग्ध सामग्री बरामद की गई। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही निरस्त हो चुका था।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली दवाओं का नेटवर्क ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा था। ब्रांडेड कंपनियों की दवाओं जैसी पैकेजिंग तैयार कर उन्हें कम कीमत में बाजार में बेचा जा रहा था। एसटीएफ ने ग्राहक बनकर जांच की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों से कई अहम जानकारियां मिली हैं। एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। फिलहाल आर्थिक लेनदेन, सप्लाई चैन और ऑनलाइन कनेक्शन की गहराई से जांच की जा रही है।
एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि दवाइयां हमेशा अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और बेहद कम कीमत में मिलने वाली दवाओं को लेकर सतर्क रहें। अधिकारियों के मुताबिक, नकली दवाइयां लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती हैं।

By DTI