हरिद्वार, 10 जनवरी,डीटी आई न्यूज़। भूपतवाला स्थित शांभवी धाम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने धर्म संसद में हेट स्पीच शब्द को लेकर तीखा विरोध जाहिर किया है। उन्होंने कहा विदेशी ताकतों के दबाव में आकर भाजपा सरकार संतों पर झूठा मुकदमा दर्ज कर रही है। संतों के आशीर्वाद से भाजपा सत्तारूढ़ हुई है। वे सरकार के इस कृत्य की घोर निंदा करते हैं और सरकार को चेतावनी दी है कि तत्काल मुकदमा वापस लेने की कार्रवाई करें। ऐसा नहीं करने पर सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि आज देश में सनातन धर्म पर कुठाराघात किया जा रहा है। इस्लामिक ताकतंे देश की एकता अखंडता को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं। जिन्हें कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आजादी के समय भारत का बंटवारा हुआ था। तब कुछ गलत फैसलों के कारण मुस्लिम लोग भारत में ही रुक गए। लेकिन धर्म के आधार पर अपना अलग देश बनाने वाले इस्लामिक कट्टरपंथियों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए। उनको भारत में रहने का अधिकार नहीं है। शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि धर्म सत्ता राज्य सत्ता से बड़ी है। संत समाज इससे ऊपर है। इसलिए संतों के खिलाफ झूठे मुकदमे को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि पूरी दुनियां इस्लामिक आतंकवाद का शिकार है। अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन हुआ। लेकिन भारत के किसी मुसलमान ने विरोध नहीं किया। भारत में जेहाद के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। संतों ने इस्लाम के कट्टर पंथ के खिलाफ आवाज ऊठाई है। उन्होंने कहा कि भारत का बंटवारा धार्मिक बंटवारा था। बंटवारे के दौरान की गई गलतियों को ठीक करने के लिए सोच समझकर ही बयान दिया है। हमने कोई हेट स्पीच नहीं दिया है। किसी नरसंहार की बात नहीं कही है। उन्होंने अपने लोगों को आत्मरक्षा के लिए जगाने का कार्य किया है। जब अफगानी खतरे में है। तो भारत भी खतरे में आ सकता है। स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि दुनिया में जितने भी आतंकवादी पकड़े जाते हैं और जितने भी आतंकवादी संगठन है। वह सभी एक ही धर्म से ताल्लुक रखते हैं। इस्लाम एक बीमारी है। इस्लाम नफरत फैलाने का राजनीतिक आंदोलन है। कुरान एक षड्यंत्रकारी किताब है जिसमें गैर इस्लामिक लोगों को मारने का आदेश दिया गया है। हम लोगों को सुप्रीम कोर्ट से ना डराया जाए। उन्होंने कहा कि बैरागी कैंप में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। करोना महामारी के विनाश के लिए शतचंडी महायज्ञ किया जा रहा है। जिसमें हरिद्वार के सभी प्रमुख गणमान्य संत महंतों को बुलाया गया ह।ै कार्यक्रम में संतों पर दर्ज फर्जी मुकदमे को वापस लेने की मांग की जाएगी। इस दौरान स्वामी अमृतानंद और पंडित अधीर कौशिक भी मौजूद रहे।

By DTI

error: Content is protected !!