हरिद्वार,संजीव मेहता चीफ एडिटर,”बिना आग धुआं नहीं उठता”यह एक पुरानी कहावत यह हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बीते कल से सोशल मीडिया पर हरिद्वार महाकुंभ को लेकर यह चर्चा हुई थी कि क्या हरिद्वार कुंभ समय से पहले समाप्ति की ओर बढ़ रहा है जिसमें कहा गया था कि मुख्यमंत्री और कई बड़े अधिकारियों द्वारा अखाड़ों से अनुरोध किया है कि वह समय से पहले मेला कुंभ समाप्त कर दें क्योंकि हरिद्वार में करोना बढ़ रहा है जिससे ना केवल संत बल्कि श्रद्धालु भी करोना संक्रमित में हो रहे हैं जिस पर स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी इन बातों को केवल अफवाह करार दिया था

लेकिन आज गुरुवार शाम होते-होते यह बात सच साबित होने की ओर बढ़ रही है हालांकि बुधवार को हरिद्वार मेला मीडिया सेन्टर में मेला अधिकारी दीपक रावत व मेला आईजी संजय गुंज्याल द्वारा बुलाई गई प्रेस वार्ता में पत्रकारों द्वारा यह बार-बार पूछा गया था की क्या मेला कुंभ की अवधि कम की जा रही है जिस पर उन्होंने कहा था कि इस बारे में उनको अभी कोई जानकारी नहीं है
पहले श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव एवं मां मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने कुंभ मेले के समापन की घोषणा कर दी थी श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज ने गुरुवार शाम यह घोषणा करते हुए हरिद्वार कुंभ में आए अखाड़े के सभी संत- महात्माओं से कुंभ समाप्त कर अपना अपना छत्र कमंडल लेकर मूल स्थानों पर लौट जाने का अनुरोध किया है। पत्रकारों से बातचीत में श्री महंत रवींद्र पुरी ने कहा है कि 27 अप्रैल चैत पूर्णिमा का स्नान वह लोग प्रतीकात्मक करेंगे। संतों की भीड़ नहीं रहेगी, केवल प्रमुख संत अकेले जाकर स्नान करेंगे। कोई शाही जुलूस नहीं निकलेगा और ना ही शाही स्नान होगा। उन्होंने कहा कि सभी संत महात्मा जो बाहर से आए थे, उन्हें लौटने का अनुरोध कर लिया गया है और 17 अप्रैल तक अखाड़ा परिसर बाहर से आने वाले संतों से खाली हो जाएगा। वहीं, आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी ने भी अपने अखाड़े के कुंभ की समाप्ति की घोषणा की उन्होंने कहा कि चैत पूर्णिमा का स्नान अखाड़े के स्थानीय संत प्रतीकात्मक रूप में करेंगे बाहर से आए संतों और भक्तों को वापसी के लिए कहा गया है | अब ना तो शाही स्नान होगा और ना ही शाही जुलूस निकलेगा
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरिगिरि ने कहाकि जिन आखाड़ों ने अपने अपने कुंभ की समाप्ति की घोषणा की है, वह उसका स्वागत करते हैं | उन्होंने कहाकि यह आखाड़ा परिषद का निर्णय नहीं है पर, कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के चलते वह सभी से नियमों के पालन की अपील करते हैं | श्री महंत हरिगिरि ने कहा कि बतौर आखाड़ा परिषद महामंत्री वह सरकार को पहले ही लिखकर दे चुके हैं कि संक्रमण बढ़ने पर आखाड़े प्रतिकात्मक स्नान करेंगे अब यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा कि कुंभ की अवधि और कम की जाएगी यां मेला 27 अप्रैल शाही स्नान तक चलेगा

By DTI