देहरादून, हरिद्वार, हर्षिता: चारधाम यात्रा के बीच साइबर ठग अब श्रद्धालुओं की आस्था को निशाना बना रहे हैं। पहले केदारनाथ हेली टिकट के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया था, अब ठगों ने बदरीनाथ धाम के बेहद पवित्र स्थल ब्रह्मकपाल को अपना नया हथियार बना लिया है।
फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज और ऑनलाइन बुकिंग के जरिए श्रद्धालुओं से पिंडदान, तर्पण और विशेष पूजा के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है।
आखिर क्या है ब्रह्मकपाल?
बदरीनाथ धाम में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित ब्रह्मकपाल हिंदू धर्म में पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है।
मान्यता है कि यहां विधि-विधान से किए गए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है और परिवार पर पितृ दोष का प्रभाव कम होता है।
क्यों खास है ये स्थान?
शिव और ब्रह्मा से जुड़ी है पौराणिक कथा
चारधाम शोधकर्ता बृजेश सती बताते हैं कि पौराणिक कथा के अनुसार भगवान ब्रह्मा के अहंकार को खत्म करने के लिए भगवान शिव ने उनका पांचवां सिर काट दिया था।
लेकिन ब्रह्महत्या के दोष के कारण वह कपाल शिव के हाथ से अलग नहीं हुआ। जब भगवान शिव बदरी क्षेत्र पहुंचे तो अलकनंदा तट पर वह कपाल गिर गया।
तभी से इस स्थान को ब्रह्मकपाल कहा जाने लगा।
पांडवों ने भी किया था पिंडदान
मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने स्वजनों की आत्मा की शांति के लिए इसी स्थान पर पहुंचे थे और यहां तर्पण-पिंडदान किया था।
यही वजह है कि आज भी लाखों श्रद्धालु यहां अपने पितरों के लिए पूजा कराने पहुंचते हैं।
ऐसे हो रही है ठगी
⚠️ फर्जी ऑनलाइन बुकिंग
⚠️ नकली वेबसाइट बनाकर एड चलाना
⚠️ सोशल मीडिया पर खुद को अधिकृत पुरोहित बताना
⚠️ ऑनलाइन पैसे लेकर नकली पूजा वीडियो भेजना
ठग श्रद्धालुओं की भावनाओं का फायदा उठाकर हजारों रुपए ऐंठ रहे हैं।
क्या ऑनलाइन पिंडदान मान्य है?
धार्मिक विद्वानों और ब्रह्मकपाल पुरोहित समाज का साफ कहना है कि—
पिंडदान और श्राद्ध कर्म श्रद्धालु की मौजूदगी, संकल्प और विधि-विधान के साथ ही पूर्ण माना जाता है।
सिर्फ ऑनलाइन पैसे भेजकर कराई गई पूजा को कई विद्वान शास्त्रसम्मत नहीं मानते।
सही प्रक्रिया क्या है?
अलकनंदा में स्नान
पितरों के नाम से संकल्प
कुश, तिल, जौ और जल से तर्पण
पिंडदान
ब्राह्मण भोज
दान-दक्षिणा
पूजा हमेशा अधिकृत तीर्थ पुरोहित की देखरेख में ही करानी चाहिए।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी अलर्ट
ब्रह्मकपाल पुरोहित समाज ने श्रद्धालुओं को ठगी से बचाने के लिए आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की है।
👉 किसी अनजान नंबर, फेसबुक पेज या वेबसाइट पर भरोसा न करें।
👉 केवल अधिकृत स्रोतों से ही जानकारी लें।
आस्था रखें… लेकिन सतर्क भी रहें।

By DTI