नमस्ते, मैं हर्षिता!
आज मैं आपके साथ साझा कर रही हूँ उत्तराखंड का एक बेहद पारंपरिक और दिल छू लेने वाला व्यंजन — भट्ट की दाल। पहाड़ी भोजन अपनी सादगी, स्वाद और स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है, और भट्ट की दाल तो इन सबका एक उत्तम उदाहरण है।

अगर आपने कभी कुमाऊँ या गढ़वाल का असली स्वाद चखना है, तो यह दाल आपकी लिस्ट में सबसे ऊपर होनी चाहिए।


🌱 भट्ट की दाल क्या है?

भट्ट को काली सोयाबीन भी कहा जाता है। पहाड़ों की उपजाऊ मिट्टी और ठंडे मौसम में उगने वाली यह दाल स्थानीय लोगों के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसका स्वाद सामान्य दालों से बिल्कुल अलग, हल्का नटी और मिट्टी की खुशबू लिए होता है।


🥣 क्यों है भट्ट की दाल खास?

यह उच्च प्रोटीन वाला पौष्टिक व्यंजन है

पचने में हल्की

कम मसालों में बनने के बावजूद स्वाद में शानदार

सर्द मौसम में शरीर को गर्माहट देती है

हर घर की पारंपरिक रेसिपी

पहाड़ी लोग इसका आनंद सबसे ज़्यादा भात (चावल) के साथ लेते हैं।


🍲 भट्ट की दाल की पारंपरिक रेसिपी – हर्षिता की किचन से

सामग्री

भट्ट (काली सोयाबीन) – 1 कप

हल्दी – ½ चम्मच

लहसुन – 4–5 कलियाँ

अदरक – 1 इंच

जीरा – 1 चम्मच

धनिया पाउडर – 1 चम्मच

नमक – स्वादानुसार

सरसों का तेल/घी – 1–2 चम्मच

पानी – आवश्यकता अनुसार

हरा धनिया – सजावट के लिए


🔪 बनाने की विधि

  1. भट्ट को हल्का सा भूनें

पहाड़ी तरीके में भट्ट को पहले तवे पर हल्का भूनते हैं।
इससे दाल में गजब की खुशबू और स्वाद आता है।

  1. दाल को पकाएँ

भूने हुए भट्ट को कुकर में पानी, नमक और हल्दी के साथ डालें।
3–4 सीटी तक पकाएँ जब तक दाल अच्छी तरह नरम न हो जाए।

  1. तड़का लगाएँ

एक कड़ाही में सरसों का तेल या घी गर्म करें।
जीरा डालें → फिर कुटी लहसुन–अदरक → धनिया पाउडर।
इस तड़के को उबलती दाल में डाल दें।

  1. धीमी आँच पर पकाएँ

10–12 मिनट तक धीमी आँच पर पकने दें ताकि दाल गाढ़ी और सुगंधित बन जाए।


🍛 कैसे खाएँ?

गरमागरम भट्ट की दाल को पहाड़ी भात (सादे चावल) के साथ खाएँ।
ऊपर से थोड़ा सा घी डाल दें, बस — स्वाद का जादू शुरू।


🌿 पौष्टिकता की पावर

भट्ट की दाल में मिलता है—

प्रोटीन

आयरन

कैल्शियम

फाइबर

एंटीऑक्सीडेंट

यह शरीर को ऊर्जा देती है और ठंड से बचाती है — पहाड़ी जीवन का सही साथी!


🏔️ उत्तराखंड की पहचान क्यों?

क्योंकि यह दाल सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि पहाड़ों की संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की झलक है।
हर त्योहार, हर खास मौके और रोजमर्रा के खाने में इसकी अपनी अलग जगह है।


✨ हर्षिता का अनुभव

जब भी मैं अपने पहाड़ लौटती हूँ, रसोई से आती भट्ट की दाल की खुशबू मुझे बचपन की यादों में ले जाती है।
यह सिर्फ एक व्यंजन नहीं, घर और अपनेपन की महक लिए होता है।

Harsita’s Tip

अगर आप दाल को थोड़ी गाढ़ी बनाती हैं, तो उसका पहाड़ी स्वाद और भी उभरकर आता है।

By DTI