हरिद्वार, 30 दिसंबर 2025। हर्षिता। जिला गंगा संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सीडीओ ने अधिकारियों को साफ निर्देश जारी करते हुए कहा कि गंगा में किसी भी दशा में नाले, गंदा पानी या कूड़ा-कचरा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने नगर निगम व संबंधित विभागों को सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने और कचरा निस्तारण के लिए उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने चेतावनी दी कि—
गंगा में कूड़ा डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही लोगों को जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया।
अतिक्रमण हटाने के सख्त आदेश
बैठक में यह भी सामने आया कि चमगादड़ टापू, दूधियाबंध, दक्षिण काली मंदिर क्षेत्र और कई घाटों पर अतिक्रमण है।
सीडीओ ने निर्देश दिया कि इन सभी क्षेत्रों से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए।
सिंचाई विभाग को प्रस्ताव सौंपने के निर्देश
सिंचाई विभाग (उत्तरप्रदेश) को उनके अधीन क्षेत्रों की परियोजनाओं के प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि इन क्षेत्रों में मरम्मत एवं सौंदर्यकरण कार्य प्राथमिकता से कराया जा सके।
आस्था पथ विकसित करने की योजना तेज़
दूधियाबंध ठोकर नंबर-1, भागीरथी बिंदु से लेकर गीता कुटीर तक क्षेत्र को आस्था पथ के रूप में विकसित करने हेतु भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
उप वन संरक्षक स्वप्निल अनिरुद्ध,
एसडीओ यूपी कैनाल भारत भूषण,
अधीक्षण अभियंता जल संस्थान हरीश बंसल,
परियोजना निदेशक (गंगा) मीनाक्षी मित्तल,
उपनगर आयुक्त नगर निगम दीपक गोस्वामी,
परियोजना अधिकारी सत्यदेव आर्य,
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत,
समिति सदस्य मनोज निषाद,
मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल भंडारी
तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
