हरिद्वार,हर्षिता।श्मशान की साधना, कार में 70 नरमुंड, गले में 108 रुद्राक्ष और अघोरी परंपरा से जुड़ी रहस्यमयी साधना—इन सबके बीच 27 साल की एक नागा किन्नर साधिका इन दिनों संत समाज में चर्चा का बड़ा केंद्र बनी हुई हैं। उज्जैन में किन्नर अखाड़े की बैठक में मां काली नंद गिरी को महामंडलेश्वर की उपाधि मिलने के बाद उनकी अनोखी साधना, जीवनशैली और दावों को लेकर लोगों में जबरदस्त जिज्ञासा और चर्चा शुरू हो गई है।
महज 27 साल की उम्र में नागा किन्नर साधिका मां काली नंद गिरी को महामंडलेश्वर की उपाधि मिलने के बाद उनकी साधना और जीवनशैली को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है।
उज्जैन में हुआ पट्टाभिषेक
मध्य प्रदेश के उज्जैन में आयोजित किन्नर अखाड़े की दो दिवसीय बैठक में कई संतों का पट्टाभिषेक किया गया। इस दौरान 7 किन्नर संतों को श्रीमहंत और 4 संतों को महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई।
इन्हीं में तेलंगाना के मंचरियाल की रहने वाली 27 वर्षीय मां काली नंद गिरी को नागा किन्नर साधु के रूप में महामंडलेश्वर बनाया गया, जिसे ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है।
अघोरी साधना से जुड़ी पहचान
मां काली नंद गिरी खुद को दिगंबर अघोरी साधिका बताती हैं। उनकी साधना तांत्रिक और अघोरी परंपरा से जुड़ी मानी जाती है।
बताया जाता है कि वे अपने साथ कई सिद्ध खोपड़ियां रखती हैं, जिन्हें वे साधना और शक्ति का प्रतीक मानती हैं। उनकी कार पर देवी काली के चित्र, त्रिशूल और नरमुंड के प्रतीक बने होते हैं।
कम उम्र में सन्यास
मां काली नंद गिरी के अनुसार उन्होंने बचपन में ही घर छोड़कर सन्यास ले लिया था और करीब 18 वर्षों से तपस्या कर रही हैं।
उन्होंने 6 साल तंत्र साधना सीखी और 12 साल काशी में बिताए। वहीं उनकी मुलाकात किन्नर अखाड़े की सती नंद गिरी माता से हुई, जिनके आशीर्वाद से वे अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़े से जुड़ीं।
18 भाषाओं का ज्ञान
औपचारिक शिक्षा न होने के बावजूद मां काली नंद गिरी दावा करती हैं कि उन्होंने देशभर में भ्रमण के दौरान 18 भाषाएं सीखीं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, गुजराती, मराठी, पंजाबी और असमिया शामिल हैं।
वे यह भी बताती हैं कि उन्होंने तंत्र साधना में पीएचडी की है।
सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय
मां काली नंद गिरी सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं। उनके दो अकाउंट मिलाकर करीब 60 लाख फॉलोअर्स बताए जाते हैं। वे नियमित रूप से तंत्र साधना और आध्यात्म से जुड़े वीडियो साझा करती हैं, जिन्हें लाखों लोग देखते हैं।


