खटीमा, दिव्या टाइम्स india: चंपावत में कथित नाबालिग गैंगरेप प्रकरण में साजिश रचने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें एक कांग्रेस नेता भी शामिल है. जिन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है. इस मामले में अभी तक 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस जांच में सामने आया है कि पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने निर्दोष व्यक्तियों को गंभीर मामले में फंसाने की योजना बनाई थी.

दो आरोपी पहले हो चुके गिरफ्तार: बता दें कि इस पूरे मामले में पूर्व में कमल सिंह रावत और उनकी महिला मित्र को गिरफ्तार के पहले ही जेल भेजा गया था. वहीं, अब पुलिस टीम ने नामजद आरोपी आनंद सिंह महरा समेत एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. जबकि, अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पुलिस टीम की ओर से जांच की जा रही है.

नाबालिग लड़की को बनाया जरिया: पुलिस की जांच में सामने आया है कि पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने नाबालिग लड़की को जरिया बनाया, फिर निर्दोष व्यक्तियों को दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में फंसाने की साजिश रची थी. चंपावत पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में चल रही गहन विवेचना के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आए.

कोतवाली चंपावत में दर्ज एफआईआर की जांच में तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य प्रमाणों के आधार पर दो और व्यक्तियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई. जिसके तहत पुलिस की टीम ने नामजद आरोपी कांग्रेसी नेता आनंद सिंह महरा को पूछताछ किया, फिर विधिक प्रक्रिया के अनुसार गिरफ्तार कर लिया.

वहीं, साक्ष्यों के आधार पर प्रकाश में आए आरोपी बबलू राम को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इससे पहले इस मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. इस प्रकरण में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

  • आनंद सिंह महरा पुत्र राजेंद्र सिंह, निवासी- ग्राम भामा, गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ हाल निवासी फागपुर, बनबसा, चंपावत
  • बबलू राम पुत्र कृष्ण राम, निवासी- ग्राम गुरखोली, मंच, थाना तामली, चंपावत

पूर्व में गिरफ्तार आरोपी-

  • कमल सिंह रावत पुत्र बच्ची सिंह रावत, निवासी- ग्राम सल्ली, चंपावत
  • महिला निवासी- कनलगांव, चंपावत

अन्य संदिग्धों की भूमिका की हो रही जांच: पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जहां न्यायालय में पेश किया गया, तो वहीं पुलिस अभिरक्षा में जेल भेजा गया है. पुलिस की मानें तो मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गंभीरता से जांच की जा रही है. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

क्या था मामला? गौर हो कि बीती 5 मई को चंपावत के सल्ली गांव में एक शादी समारोह में गई 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर गैंगरेप करने का मामला सामने आया था. जहां लड़की एक कमरे में नग्न अवस्था में बंधी हालत में मिली. जिसमें 3 लोगों पर कथित तौर पर गैंगरेप करने का आरोप लगा.

इस मामले में लड़की के पिता ने 6 मई को कोतवाली चंपावत में तहरीर दी. आरोपियों में बीजेपी के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष/पूर्व प्रधान समेत अन्य के शामिल थे, लेकिन जब जांच पड़ताल की गई, तो मामला साजिश निकला. चंपावत एसपी रेखा यादव ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस और कोर्ट में बताया कि कोई दुष्कर्म नहीं हुआ.

मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों में गैंगरेप के कोई सबूत नहीं मिले. यह सिर्फ आपसी रंजिश का मामला था. मुख्य षड्यंत्रकर्ता कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र ने लड़की का इस्तेमाल करके निर्दोष लोगों को फंसाने की साजिश रची थी. लड़की ने भी बाद में अपना बयान बदला और साजिश होने की बात स्वीकारी.

By DTI