राजेंद्र सिंह बिष्ट,देवाल (चमोली) है। इस पावन समय पर ग्राम सभा सूइयां और धूरा धारकोट की सामूहिक पूजा में भी मां नंदा भगवती की सबसे बड़ा पूजन यानि सेलपाती का आयोजन आज यानी कि 13 सितंबर से शुरू हो गया है। यहां पूजा की औपचारिक शुरुआत म्यला भराई यानि पूजन के लिए ग्रामवासियों के द्वारा सामुहिक रूप से अंशदान एकत्र किया जाता है है। और चली आ रही परंपरा के अनुसार पहली रात को स्थानीय डगरीयो द्वारा अर्थात ( देवनृत्य ) पौराणिक भगवती मंदिर और ध्यानी लाडू मदिर में विधी विधान के तहत किया जाता है। और मुख्य पूजा कल 14 सितंबर को मां भगवती के ही इस पौराणिक मंदिर में होगा।

आज रात झोड़ा, जागरों के साथ सभी ग्रामीणों महिला और पुरुषों के द्वारा पूरी आस्था और भक्ति के साथ ढोल दमाऊ की थापो और भुंगोरो के मृदुल स्वरो के बीच देवी भगवती सहित सभी पंच नाम देवताओं और ग्राम देवताओं का आह्वान कर उनका अवतरण होगा। इस क्षेत्र की इस एक अपनी विशिष्ट परंपरा अपने आप में अनोखी परंपरा है, जो कि पौराणिक काल से चली आ रही है और कल 14 सितंबर को फिर से झोड़ा अर्थात् ( देवी देवता की जीवन वयख्यान एक विस्तृत वर्णन लयबद तरीके से ) और संपूर्ण डोल दमाऊ की थाप और भुगोरो के स्वरों के बीच ग्रामीणों और अन्य बाहरी लोगों जैसे गांव की ध्यानी बेटी अर्थात् ( गांव की कोई बेटी जो किसी दूसरे गांव में विवाहित हो) वो भी कल इस पूजा मै शामिल हो कर मा भगवती का आशीर्वाद लेने के लिए आते है और फिर मंदिर मै भोग लगा कर सभी गांव वाले मिल जुल कर पूरी हलवा प्रसाद लेकर विधी विधान से इस पूजा का समापन करते है और फिर इस तरह से सेलपाती पूजा का समापन किया जाता है और आने वाली अगली पूजा तक मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते है यह जानकारी वर्तमान मंदिर समिति अध्यक्ष श्री जोत सिंह बिष्ट और ग्राम प्रधान धूरा धारकोट श्री बख्तावर सिंह बिष्ट और ग्राम प्रधान सुया श्री नन्दन सिंह बिमोली और अन्य स्थानीय लोगों के द्वारा प्राप्त है

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