हरिद्वार,संजीव मेहता।उत्तराखंड में भाजपा के उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन चल रहा है ऐसे में भाजपा सूत्रों से बड़ी खबर निकल कर आ रही है।उच्च सूत्र अनुसार अगर बीजेपी एक दर्जन से अधिक विधायकों को टिकट देने से इनकार करती है तो यह आश्चर्य की बात नहीं होगी।गुजरात मे भाजपा पूरा मन्त्रिमण्डल बदल चुकी है। जब भाजपा मुख्यमंत्रियों को बदलने से नहीं कतराती तो विधायकों का टिकट काटना बड़ी बात नहीं होगी। लेकिन भाजपा को ऐसे विधायकों के विद्रोह से निपटना होगा क्योंकि वे टिकट से वंचित होने के बाद पार्टी के हितों के खिलाफ काम कर सकते हैं।

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टिकट कटने वाले विधायको से निपटने का प्लान
इससे निपटने के लिए वे पहले ही रणनीति बना चुके होंगे। साथ ही, जैसा कि वे नामांकन की तारीख के करीब सूची की घोषणा करेंगे, बागी नेताओं को ज्यादा मौका नहीं मिलेगा की वह पार्टी खिलाफ बगावत की सोच सके।

उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान होना है। मतगणना 10 मार्च को होगी। यहां 21 जनवरी को अधिसूचना के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। 28 जनवरी नामांकन की अंतिम तिथि है। 70 विधानसभा क्षेत्रों के 11,647 मतदान केंद्रों पर 82.38 लाख से अधिक मतदाता वोटिंग करेंगे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि उम्मीदवारों के चयन के लिए पार्टी की एक निर्धारित प्रक्रिया है। शनिवार को राज्य संसदीय बोर्ड की बैठक होगी और संभावित उम्मीदवारों की सूची समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। सूची पर अंतिम फैसला पार्टी की केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा। कौशिक ने कहा कि प्रत्याशियों की फाइनल सूची 22 जनवरी से पहले जारी हो जाएगी। फिलहाल 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 53 विधायक हैं।

By DTI

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