देहरादून/रुद्रपुर/खटीमा: दिव्या टाइम्स इंडिया।उत्तराखंड जैसे शांत राज्य में न सिर्फ अवैध नशे की तस्करी हो रही है, बल्कि प्रदेश के सीमांत जिले में ऐसी ड्रग्स भी बनाई जा रही है कि जिसकी सप्लाई पूरे देश में हो रही थी. ऐसे ही मामले का उत्तराखंड पुलिस ने न सिर्फ खुलासा किया, बल्कि इस गिरोह के सरगना को भी पकड़ा है. उत्तराखंड डीजीपी दीपम सेठ ने खुद MDMA ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया.
इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश उत्तराखंड एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और उधम सिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने किया. जानकारी के मुताबिक 31 मई 2025 को महाराष्ट्र पुलिस ने एमडीएमए ड्रग्स के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था. महाराष्ट्र पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में नेपाल बॉर्डर पर थल क्षेत्र में मोनू गुप्ता और कुनाल कोहली नाम के व्यक्ति ने एमडीएमए ड्रग्स की फैक्ट्री लगा रखी है. वहीं से ड्रग्स तैयार कर मुंबई समेत पूरे देश में सप्लाई की जाती है.
महाराष्ट्र पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस को दी जानकारी: महाराष्ट्र पुलिस ने ये जानकारी उत्तराखंड पुलिस से शेयर की. इसके बाद 26 जून को उत्तराखंड पुलिस ने थल क्षेत्र में उस जगह पर छापा मारा, जहां पर एमडीएमए ड्रग्स बनाई जा रही थी. पुलिस को पॉल्ट्री फार्म से प्रिकर्सर कैमिकल्स मिला, जिसे ये ड्रग्स बनाई जाती है. हालांकि इस गिरोह का कोई भी सदस्य पुलिस के हाथ नहीं आया.
महाराष्ट्र पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से तीन आरोपी पकड़े: इसी बीच महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस ने पलीया नेपाल बार्डर से मोनू गुप्ता और उसके दो साथी भीम यादव व अमन कोहली को गिरफ्तार किया, जबकि कुनाल कोहली अपने साथी राहुल और विक्रम के साथ नेपाल फरार हो गया था.
राहुल की पत्नी 10 करोड़ की ड्रग्स के साथ पकड़ी गई: उत्तराखंड पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी हुई थी कि तभी 11 जुलाई को चंपावत पुलिस ने राहुल की पत्नी ईशा को पांच किलोग्राम एमडीएमए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया. ईशा से पकड़ी गई ड्रग्स की इंटरनेशनल मार्केट में कीमत करीब दस करोड़ आंकी गई थी.
राहुल को पुलिस ने किया अरेस्ट: पुलिस पूछताछ में ईशा ने बताया था कि उसके पति राहुल ने उसे इस ड्रग्स को नदी में फेंकने के लिए बोला था. क्योंकि उन्हें डर था कि पुलिस उन्हें पकड़ सकती है. हालांकि उससे पहले ही पुलिस ने ईशा को गिरफ्तार कर लिया था. वहीं राहुल और उसका साथी फरार था. ईशा की गिरफ्तारी के बाद राहुल भी पुलिस के हाथ आ गया था, लेकिन कुनाल कोहली पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था.
नानकमत्ता से गिरफ्तार हुआ कुनाल: कुनाल कोहली की गिरफ्तार के लिए उत्तराखंड एसटीएफ लगातार प्रयास कर रही थी. इसके अवाला उत्तराखंड पुलिस की टीम एन्टी नारकोटिक्स ब्यूरो नेपाल पुलिस के संपर्क में भी थे. इसी बीच 14 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर उत्तराखंड एसटीएफ और नानकमत्ता पुलिस ने आरोपी कुनाल को साहनी नर्सरी तिराहे नानकमत्ता से गिरफ्तार किया.
12 करोड़ की और ड्रग्स बनाने की थी तैयारी: आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने प्रीकर्सर केमिकल मिला है, जिससे करीब 6 किलो एमडीएमए ड्रग्स बनाई जानी थी, जिसकी इंटरनेशनल बाजार में कीमत करीब 12 करोड़ रुपए होती. आरोपी कुनाल कोहली के खिलाफ उत्तराखंड के बनबसा थाने के अलावा महाराष्ट्र पुलिस ने ठाणे में मुकदमा दर्ज किया है.
बता दें कि एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई देश की बड़े-बड़े शहरों में की जाती है. इस ड्रग्स की सबसे ज्यादा मांग रेव पार्टी में होती है. एमडीएमए ड्रग्स बहुत की खतरनाक ड्रग्स है, एमडीएमए ड्रग्स को लेने के बाद उत्तेजक के साथ मतिभ्रम वाली स्थिति हो जाती है.